शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में।

शिक्षक दिवस हमारे विद्यार्थी जीवन का एक बहुत यादगार दिन होता है। कैसे बच्चे ख़ुशी-ख़ुशी जाकर अपने पसंदीदा टीचर्स को उपहार देते है, पेन देते है, फूल देते है, अपने हाथों से कार्ड बना कर देते है। हर साल इस दिन एक अलग ही उत्साह रहता है हर विद्यार्थी में, जहाँ वो अपने अध्यापको को धन्यवाद देता है। अभी कुछ ही दिनों में शिक्षक दिवस आने वाला है और हर विद्यार्थी एक बार फिर अपने शिक्षक के लिए टीचर्स डे पर कविता लिखेगा, टीचर्स डे पर निबंध लिखेगा, टीचर्स डे पर भाषण कहेगा। एक अलग ही माहौल होता है हर स्कूल का शिक्षक दिवस के दिन। आज का हमारा विषय भी यही है: शिक्षक दिवस और शिक्षक दिवस पर निबंध।

तो दोस्तों, अगर आप भी अपने शिक्षक को इस शिक्षक दिवस पर कविता कहकर या उनके लिए निबंध लिख कर उन्हें खुश करना चाहते है और उन्हें धन्यवाद कहना चाहते है, तो आप बिलकुल भी परेशान ना हो। आपके शिक्षक आपसे खुश हो, इसके लिए हम आपको शिक्षक दिवस पर निबंध, शिक्षक दिवस पर कविता, शिक्षक दिवस पर भाषण, ये सब कुछ उपलब्ध करवाएँगे। तो अगर आप शिक्षक दिवस के बारे में और जानना चाहते है, तो हमारे इस लेख को अंत तक ज़रूर पढ़िए।

टीचर्स डे क्यों मनाया जाता है?

शिक्षक दिवस हर वर्ष 5 सितम्बर को पूरे भारत में मनाया जाता है। इस दिन को हमारे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और भारत के दूसरे राष्ट्रपति, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को मनाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। डॉ राधाकृष्णन ना सिर्फ हमारे राष्ट्रपति थे, बल्कि एक बहुत ही उम्दा शिक्षक भी थे।

एक छोटे शहर से आकर, अपनी शिक्षा के बल पर उन्होंने काफी नाम कमाया था और साथ ही देश के लिए बहुत योगदान भी दिए थे। अपने जीवन काल में, उन्होंने शिक्षकों को विशेष सम्मान दिया और इन्ही शिक्षकों की चुनौतियों और कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए, अपने जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का आग्रह किया।

इसलिए 1967 से लेकर अभी तक, हर साल उनके जन्म दिवस पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन सभी शिक्षकों को विशेष सम्मान दिया जाता है और सभी विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में, इसे बहुत ही बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।

टीचर्स डे निबंध हिंदी में।

हर इंसान के जीवन में शिक्षक का स्थान सबसे ऊपर होता है। शिक्षक वो कड़ी है, जो हमारी ज़िन्दगी के हर पड़ाव को जोड़ती है। हम बच्चे से बड़े हो जाते है, नादान से समझदार हो जाते है, और इन सब का श्रेय केवल एक शिक्षक को ही जाता है।

ज़िन्दगी के हर मोड़ पर हमें शिक्षक की आवश्यकता होती है। हम चाहे कितने भी बड़े क्यों न हो जाए, हमसे ऊपर हमेशा एक शिक्षक होता है, जो हमें और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हम माने या माने, समझे या ना समझे, पर हर एक व्यक्ति के जीवन में शिक्षक की एक विशेष भूमिका होती है।

हर साल ५ सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसी दिन हमारे भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस भी मनाया जाता है। शिक्षकों के विशेष महत्व को उन्होनें ही हमें समझाया था, इसलिए उनके जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

शिक्षक हमें ना केवल कलम चलाना सिखाता है, बल्कि हमें जीवन जीना भी सिखाता है। घर की चारदीवारी के बहार, इस विशाल दुनिया में अपनी पहचान कैसे बनानी है, इसकी सीख हमें हमारे शिक्षक से ही मिलती है। वे केवल हमें किताबी बातें नहीं सिखाते, पर जीवन के अनेक पहलू भी सिखाते है।

शिक्षकों की इन्हीं कोशिशों को सलाम करने के लिए हम शिक्षक दिवस मनाते है, जहाँ हम उनका अभिनन्दन करते है और उनका शुक्रिया करते है, शुक्रिया उन सभी बातों के लिए जो उन्होंने हमें सिखाई है और उन सभी शिक्षाओं के लिए, जिसने हमें आगे बढ़ने की हिम्मत दी है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर हर छोटे-बड़े स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जहाँ विद्यार्थी अपने-अपने तरीके से अपने शिक्षकों को धन्यवाद कहते है, चाहे शिक्षक दिवस पर कविता कहकर, या शिक्षक दिवस पर भाषण कहकर, या शिक्षकों के लिए निबंध लिखकर।

विद्यार्थियों की तरफ से उनके गुरुजनों के लिए, ये एक छोटा सा तोहफा होता है, जो वो हर साल उन्हें देते है।

टीचर्स डे निबंध हिंदी में 250 शब्द।

शिक्षक दिवस हर वर्ष ५ सितम्बर को मनाया जाता है। एक शिक्षक और उसके विद्यार्थी का रिश्ता बहुत ही ख़ास होता है। बचपन से लेकर बड़े होने तक, एक बच्चा अपने शिक्षक से अनगिनत बातें सीखता है, और उसका अपने जीवन में प्रयोग करता है।

एक शिक्षक अपनी हर निजी परेशानी को परे रखकर, अपने विद्यार्थी के जीवन को सफल बनाने की राह बुनता है। जीवन में हर तरह की मुश्किल का सामना करने की वह शिक्षा भी देता है और हिम्मत भी। शिक्षक की छत्रछाया में, हर विद्यार्थी पलता और विकसित होता है।

आज का युवा ही कल का भविष्य है, और इस युवा को एक काबिल भविष्य बनाने का ज़िम्मा, एक शिक्षक के कंधे पर ही होता है।

अपने शिक्षक के इन्ही प्रयासों और उपकारों को सम्मान देने के लिए हम शिक्षक दिवस मनात है और अपने शिक्षकों का आभार व्यक्त करते है। शिक्षक दिवस शिक्षक के महत्व को दर्शाता है। वो शिक्षक जो हमारा मार्ग-दर्शक भी है और हमारा दोस्त भी है।

हमें अधिक अवसर नहीं मिल पाता उन्हें धन्यवाद कहने का। लेकिन शिक्षक दिवस का ये एक दिन, हमें वो मौका देता है कि हम अपने शिक्षक को उनका महत्व बता सकें, उन्हें बता सकें कि वे हमारे जीवन को सवारने में कितनी बड़ी भूमिका निभाते है। ये एक दिन हमें उनके साथ बिताने का मौका देता है।

इस दिन हर विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जहाँ विद्यार्थी अपने शिक्षकों के लिए कुछ न कुछ प्रदर्शित करते है, जो उनकी तरफ से एक छोटी सी कोशिश होती है, अपने शिक्षकों को महत्वपूर्ण महसूस करवाने की।

इससे हमें मालूम होता है कि शिक्षक दिवस का, एक विद्यार्थी के जीवन में कितना महत्व है और अपने शिक्षक के प्रति उसके मन में कितना सम्मान है।

टीचर्स डे निबंध हिंदी में, 10 लाइन कक्षा 6।

शिक्षक दिवस हर साल 5 सितम्बर को मनाया जाता है। इसी दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती भी मनाई जाती है। उनके आग्रह पर ही उनके जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस पर हर विद्यार्थी अपने सभी शिक्षकों को धन्यवाद कहता है, उन सभी बातों के लिए जो उसे अपने शिक्षक से सीखने को मिलती है।

शिक्षक का हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। वह हमें जीवन की हर राह में कुछ ना कुछ नई बातें सिखाता है, हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और हमें मुश्किलों से लड़ने की हिम्मत देता है।

हम अपने जीवन में जो भी सफलता हासिल करते है, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा, हमारे शिक्षकों को समर्पित होता है।

शिक्षक की इन्ही शिक्षाओं को सम्मानित करने के लिए हम शिक्षक दिवस मनाते है। उनकी सभी मुश्किलों और चुनौतियों को हम समझते है और उसकी सराहना करते है, ये विश्वास हम उन्हें दिलाना चाहते है।

शिक्षक दिवस के दिन हर विद्यार्थी अपने पसंदीदा टीचर को भेंट देता है, चाहे वो पेन हो, डायरी हो, कार्ड हो या फूल हो।

आज के आधुनिक समय में, हम अपने शिक्षकों को सोशल साइट्स जैसे वाट्सएप्प, या फेसबुक पर भी बधाई दे देते है।

विद्यालयों में आज के दिन, विद्यार्थी अपने शिक्षकों के लिए कार्यक्रम पेश करते है। कोई शिक्षक दिवस पर कविता कहता है, तो कोई शिक्षक दिवस पर भाषण कहता है, और कोई शिक्षक दिवस पर निबंध का पाठ करता है।

हर साल ये एक दिन मिलता है बच्चों को, अपने गुरुजनो का आभार व्यक्त करने का, उनके साथ समय बिताने का।

एक शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता बहुत अनोखा होता है, जो केवल ये दोनों ही समझ सकते है, और इसी रिश्ते पर हमारा भविष्य टिका होता है।

टीचर्स डे पर छोटा निबंध।

हम सभी के जीवन में, हर मोड़ पर, किसी न किसी रूप में एक शिक्षक ने हमारा मार्गदर्शन किया ही होगा। शिक्षक ही हमें ज्ञान भी देते है और हमें हौसला भी देते है।

चाहे पढ़ाई का क्षेत्र हो या कला का, खेल का क्षेत्र हो या कार्यालय का, जीवन के हर क्षेत्र में हमें एक ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत होती है, जो हमें सही गलत की पहचान करा सके, हमें सही राह दिखा सकें, हमें शिक्षित कर सके। ये महत्वपूर्ण काम हमारे शिक्षक करते है।

शिक्षक को हम ‘गुरु’ भी कहते है और ये शब्द ही काफी है इसके महत्व को सिद्ध करने के लिए। ‘गु’ शब्द का अर्थ ‘अंधकार’ होता है और ‘रु’ शब्द का अर्थ ‘प्रकाश’ होता है, अर्थात जो अंधकार को मिटाकर प्रकाश फैला दे, वही गुरु है। इसका एक अर्थ ये भी हुआ कि जो अज्ञानता को मिटाकर ज्ञान को भर दे, उसे हम गुरु कहते है।

हम अपने इन्ही गुरूओं को सम्मानित करने के लिए शिक्षक दिवस मनाते है। आज के दिन हम उन्हें उपहार देते है, उनके लिए कार्यक्रम का आयोजन करते है, और उन्हें महत्वपूर्ण महसूस करवाने की हर मुमकिन कोशिश करते है।

शिक्षक दिवस हमें मौका देता है कि हम अपने शिक्षकों को बता सकें कि वे हमारे जीवन में क्या स्थान रखते है और उनकी शिक्षाऐं हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

हमारे जीवन में शिक्षक के महत्व को जानने के लिए हमारा अगला निबंध ज़रूर पढ़े।

शिक्षक पर निबंध।

एक बच्चा जब अपने घर से बाहर निकलता है, स्कूल जाना शुरू करता है, तो उसके लिए उस माहौल को स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल होता है। पर अगर उस बच्चे को कोई ऐसा मिल जाए जो उसे वही प्यार, दुलार और देख-भाल दे जो उसे अपने घर में मिलता है, तो उसके लिए इस नए माहौल को अपनाना आसान हो जाता है।

ये प्यार और दुलार उसे उसके शिक्षक से मिलता है। जिस दिन एक बच्चा स्कूल में अपना पहला कदम रखता है, तभी से वो अपने शिक्षक की छत्रछाया में आ जाता है। उसी क्षण से उसका विकास शुरू हो जाता है।

एक शिक्षक ही है, जो एक छोटे से नादान बच्चे को, अपने ज्ञान और तजुर्बे से एक विकसित और ज़िम्मेदार नागरिक बनाता है, जो आगे चल कर देश का नाम रोशन करता है। शिक्षक ही है जो हमें ये सिखाता है कि मुश्किलें तो आएँगी पर हमें उनसे भागना नहीं, बल्कि उसका सामना करना है। हमें सही गलत का अंतर भी यही सिखाता है।

शिक्षक हमें वो हर बात सिखाता है जो हमारे स्वस्थ जीवन के लिए ज़रूरी है जैसे – समय पर सोना, समय पर खाना, साफ-सुथरा रहना, सब से तमीज से बात करना, बड़ों को सम्मान देना, अपना काम स्वयं करना और भी बहुत कुछ। शिक्षक हमें आत्मनिर्भर बनाते है।

शिक्षक हमें डाँटते भी है, तो वो हमारी भलाई के लिए ही डाँटते है, हम अपनी गलतियों से सीखें, इसलिए डाँटते है। हर शिक्षक यही चाहता है कि उसका विद्यार्थी उससे भी अधिक सफल हो और बहुत आगे तक जाए।

शिक्षक ही है जो हमें इस काबिल बनाता है कि हम अपने पैरों पर खड़े हो सके, खुद अपनी देख-भाल कर सकें, और साथ ही अपने परिवार को भी संभाल सकें। शिक्षक का हम सभी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है, और हम हमारी ज़िन्दगी उन्ही को समर्पित करते है, जिन्होंने हमें ज़िन्दगी के सही मायने सिखाए।

अपने सभी शिक्षकों को सम्मान देने हेतु, हम 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते है, जब हम उन सभी शिक्षकों को धन्यवाद कहते है, जिन्होंने हमारे जीवन को सफल बनाने में कोई न कोई भूमिका निभाई है।

हर विद्यार्थी को अपने शिक्षक का सम्मान करना चाहिए और उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए।

टीचर्स डे पर स्पीच हिंदी में / टीचर्स डे पर भाषण।

माननीय प्रिंसिपल, आदरणीय शिक्षक और मेरे सभी प्रिय मित्रों- मैं आप सभी का आज के इस कार्यक्रम में स्वागत करता हूँ।

आज शिक्षक दिवस के अवसर पर हम सभी यहाँ उपस्थित हुए है। आज का दिन हम सभी विद्यार्थियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। आज के दिन हम सभी, अपने सभी शिक्षकों को धन्यवाद कहते है, जिन्हीने हमे पढ़ना सिखाया और आगे बढ़ना सिखाया।

शिक्षक दिवस के इस अवसर पर मैं अपने सभी गुरुजनों के लिए दो शब्द कहना चाहूँगा, अगर आपकी अनुमति हो तो।

हर बच्चे के जीवन में शिक्षक वो कड़ी होते है, जो उसके एक विद्यार्थी से एक ज़िम्मेदार नागरिक बनने के सफर में उसका मार्गदर्शन करते है। शिक्षक हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है और हमें वो सभी बातें सिखाते है, जो हमारे सफल जीवन के लिए बहुत ज़रूरी है।

हमारी हर गलती पर हमें सही रास्ता दिखाते है, और किसी भी मुश्किल से लड़ने की हिम्मत भी देते है। आज हम जो भी है, वो अपने शिक्षकों की वजह से ही है।

मुझे बहुत ख़ुशी है कि आज के दिन मुझे अपने सभी शिक्षकों को धन्यवाद करने का अवसर मिला। मैं तहे दिल से आप सभी गुरुजनो को प्रणाम करता हूँ और आशा करता हूँ की आपकी कृपा-दृष्टि हम विद्यार्थियों पर सदैव बनी रहे। मेरे सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

आप सभी ने मेरी बातों को धैर्यतापूर्वक सुना इसके लिए शुक्रिया। आप सभी का दिन मंगलमय हो।

अक्षर-अक्षर हमें सिखाते, शब्द-शब्द का अर्थ बताते।
कभी प्यार से कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते!

धरती कहती, अंबर कहते, बस यही तराना।
गुरू आप ही वो पावन नूर है, जिनसे रौशन हुआ जमाना!

गुरू गोविंद दोउ खड़े, काके लागू पाव, बलिहारी गुरू आपने, गोविंद दियो बताय।

गुरु का महत्व कभी न होगा कम, भले कर ले कितनी भी उन्नति हम,
वैसे तो हैं इंटरनेट पे हर प्रकार का ज्ञान, पर अच्छे बुरे की नहीं हैं उसे पहचान।

अज्ञान को मिटा कर, ज्ञान का दीपक जलाया है।
गुरु कृपा से मैंने, ये अनमोल शिक्षा पाया है।

जो बनाये हमें इंसान, और दे सही गलत की पहचान।
देश के उन निर्माताओं को, हम करते हैं शत शत प्रणाम।

खींचता था आड़ी टेड़ी लकीरें, आपने मुझे कलम चलाना सिखाया।
ज्ञान का दीप जला मन में, मेरे अज्ञान के तमस को मिटाया।

टीचर्स डे पर कविता हिंदी में।

(Teachers Day Par Kavita)

शिक्षक दिवस के इस शुभ अवसर पर, मैं हमारे सभी शिक्षकों के लिए एक छोटी सी कविता कहना चाहूँगा।

हम बच्चे थे जो चलना भी ना जानते ठीक से।
ऊँगली पकड़कर कदम बढ़ाना सीखा आप से।।
खिलौनों से कलम तक का सफर तय कराया जिसने,
मुश्किलों से लड़ना सिखाया उसने।
गलतियों से सबक सीखना सिखाया जिसने,
हमें बच्चे से बड़ा बनाया किसने?
ज्ञान की छाया दी जिसने,
हमें अच्छा इंसान बनाया उसने।
सही गलत की पहचान कराई जिसने,
तरक्की की राह पर चलना सिखाया उसने।
शिक्षक कहते है हम उन्हें,
हर मोड़ पर साथ निभाया है उसने,
इस शिक्षक दिवस पर हम बच्चे,
करते है शत-शत नमस्ते उन्हें।।

शिक्षक दिवस हर साल स्कूलों में मनाया जाता है और हर साल सभी विद्यार्थी बड़े उत्साह से इस दिन को हमारे शिक्षकों के लिए यादगार बनाने की कोशिश करते है। इस दिन का महत्व सिर्फ एक विद्यार्थी ही समझ सकता है। जिसने हमें जीवन जीने का सबक दिया, उसे शुक्रिया कहने में जो आनंद मिलता है, ये सिर्फ वो विद्यार्थी ही महसूस कर सकेगा, जिसे ये अवसर प्राप्त हुआ हो।

तो दोस्तों, शिक्षक दिवस से संबंधित आपको जो भी जानकारी चाहिए थी, जिससे आपको इस दिन के महत्व को समझने में मदद मिलती और साथ ही अगर आप अपने स्कूल में शिक्षक दिवस पर कविता बोलना चाहते है, या शिक्षक दिवस पर भाषण देना चाहते है, तो उसकी मदद भी आपको हमारे इस लेख को पढ़ के मिल गई होगी। अगर आपको हमारा ये लेख पसंद आया, तो इसे अपने दोस्तों के साथ Share ज़रूर करें और अगर आपके पास हमारे लिए कोई सवाल हो, तो उसे Comment में लिखें।

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